टीबी स्क्रीनिंग अभियान में औरंगाबाद ने रचा कीर्तिमान, पूरे बिहार में बना नंबर-1

औरंगाबाद, 22 जुलाई। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चलाए जा रहे टीबी स्क्रीनिंग अभियान में औरंगाबाद जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे बिहार में पहला स्थान हासिल किया है। जिले में अब तक करीब 3.5 लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य से लगभग छह गुना अधिक है।

मंगलवार को बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में औरंगाबाद जिले की इस उल्लेखनीय उपलब्धि की विशेष सराहना की गई। मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि औरंगाबाद का मॉडल अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अभियान की इसी गति को आगे भी बनाए रखने का निर्देश दिया।

जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) के सतत मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ता, एएनएम, स्वास्थ्यकर्मी तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास से घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान कर उनकी स्क्रीनिंग की जा रही है।

टीबी मरीजों के उपचार के साथ-साथ उन्हें प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत योजना के अंतर्गत पोषण किट भी उपलब्ध कराई जा रही है। इन किटों में सोया चंक्स, चना दाल, मूंगफली, मिल्क पाउडर, आटा और खाद्य तेल जैसी पोषणयुक्त सामग्री शामिल है, जिससे मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य लाभ में सहायता मिल सके।

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी, लगातार बुखार, वजन में कमी या टीबी के अन्य लक्षण दिखाई दें, तो वे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच अवश्य कराएं। समय पर जांच और उपचार से टीबी का पूर्ण इलाज संभव है तथा टीबी मुक्त औरंगाबाद और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सकता है।

समीक्षा बैठक में सिविल सर्जन औरंगाबाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) स्वास्थ्य तथा जिला जनसंपर्क पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।