बैंक ऋण, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, वन-खनिज समेत सुलहनीय मामलों का होगा त्वरित निपटारा; 500 मामलों के निस्तारण का लक्ष्य
औरंगाबाद, 8 सितंबर 2026।
आम लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 12 सितंबर 2026 को व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद एवं अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, दाउदनगर में इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद राजीव रंजन कुमार के निर्देश पर लोक अदालत की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस संबंध में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद तान्या पटेल ने संयुक्त रूप से जानकारी दी।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत जनता की अदालत है, जिसका उद्देश्य आम लोगों को बिना किसी खर्च के आपसी सहमति के आधार पर त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में किसी पक्ष की हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की जीत होती है और आपसी विवादों के समाधान से भविष्य के लिए सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार होता है।
इन मामलों का होगा निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण, ट्रैफिक चालान, पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, चेक बाउंस, श्रम, वन, खनिज तथा अन्य सुलहनीय मामलों का निपटारा किया जाएगा।
मध्य बिहार ग्रामीण बैंक के अधिकारियों ने भी बैंक से संबंधित मामलों में सहयोग का आश्वासन दिया है। अधिकारियों के अनुसार, पात्र मामलों में ब्याज माफी करते हुए मूलधन के आधार पर समझौता कराया जाएगा।
लोक अदालत के लिए गठित की गईं बेंचें
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने बताया कि लोक अदालत के सुचारु संचालन के लिए विभिन्न मामलों के अनुसार बेंचों का गठन किया गया है।
- ट्रैफिक चालान, औरंगाबाद: श्री अशोक कुमार गुप्ता, सुश्री शिवांगी एवं सुश्री निकिता राज की बेंच।
- परिवार न्यायालय: भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय द्वारा की जाएगी।
- बैंक मामले: सभी बैंक संबंधी मामलों की सुनवाई दिव्या वशिष्ठ की बेंच में होगी।
- सीजेएम कोर्ट: खनिज, वन, श्रम, माप-तौल सहित कार्यपालक मामलों की सुनवाई मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री लाल बिहारी पासवान द्वारा की जाएगी।
- दाउदनगर अनुमंडल: बैंक मामलों की सुनवाई सुश्री करिश्मा कुमारी की कोर्ट में, जबकि धारा 107 एवं 144 सीआरपीसी से संबंधित मामलों की सुनवाई श्री विकास कुमार एवं श्री अमरेश कुमार दीपक की बेंच पर होगी।
3217 मामले चिन्हित, 7104 नोटिस जारी
सचिव तान्या पटेल ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 3217 मामलों की पहचान की गई है। 8 और 9 सितंबर तक 56 मामलों में सहमति प्राप्त हो चुकी है।
विभिन्न मामलों में पक्षकारों को न्यायालय तक पहुंचाने के लिए कुल 7104 नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से 6000 नोटिस की तामिला रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। इस बार 500 मामलों के निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वहीं, प्री-लिटिगेशन स्तर पर 5000 वाद चिन्हित किए गए हैं। इनमें अब तक 91 मामलों में सहमति बन चुकी है तथा प्री-लिटिगेशन मामलों में 1500 मामलों के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है।
चालान पर 50 प्रतिशत छूट का मिलेगा लाभ
राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों में इस बार भी 50 प्रतिशत तक की छूट का लाभ दिया जाएगा। ऐसे मामलों से जुड़े लोगों के लिए लोक अदालत अपने विवाद/चालान के निपटारे का महत्वपूर्ण अवसर होगी।
नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इसका लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से विवादों का समाधान न केवल समय और खर्च बचाता है, बल्कि पक्षकारों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।






