एक-एक केस से बनेगा रिकॉर्ड: प्रधान जिला जज का आह्वान, 9 मई की लोक अदालत को सफल बनाने पर जोर


औरंगाबाद (बिहार):
जिला विधिज्ञ संघ औरंगाबाद में गुरुवार को एक ऐतिहासिक बैठक आयोजित हुई, जिसमें राष्ट्रीय लोक अदालत और स्थाई लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा अधिकतम वाद निष्पादन को लेकर बार और बेंच के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई।


बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय और संचालन महासचिव जगनरायण सिंह ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए जोरदार अपील की—


“हर अधिवक्ता एक-एक सुलहनीय वाद का निष्पादन कराएं, ताकि 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत नया रिकॉर्ड कायम कर सके।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो अधिवक्ता अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन में सहयोग देंगे, उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्थाई लोक अदालत और संवेदनशील साक्ष्य ग्रहण केंद्र (वीडब्ल्यूडीसी) के अधिक उपयोग पर भी बल दिया, ताकि पीड़ितों और मुवक्किलों को समय पर और सहज न्याय मिल सके।


जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद की सचिव तान्या पटेल ने भी अधिवक्ताओं से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि—
“आपके सहयोग से 9 मई की राष्ट्रीय लोक अदालत निश्चित रूप से वाद निष्पादन में नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।”


उन्होंने जानकारी दी कि बैंकों ने भी मामलों के निपटारे में लचीला रुख अपनाने का भरोसा दिया है। बालू से जुड़े मामलों, चेक बाउंस और अन्य सुलहनीय वादों में हजारों नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अधिवक्ताओं से अपील की गई कि वे अपने-अपने मुवक्किलों को 9 मई को लोक अदालत में उपस्थित कराएं।


बैठक में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।


इस मौके पर परिवार न्यायालय के प्रधान जिला जज अरुण कुमार, जिला जज प्रथम विश्व विभूति गुप्ता, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लाल बिहारी पासवान समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। जानकारी अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही द्वारा दी गई।


निष्कर्ष:
9 मई की राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर औरंगाबाद में न्यायिक और अधिवक्ता समुदाय पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। यदि हर अधिवक्ता एक-एक केस का निष्पादन सुनिश्चित करे, तो यह आयोजन वास्तव में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना सकता है।