फर्जी रसीद कांड से मचा हड़कंप: नींद से जागा नगर परिषद, अब खुद करेगा चुंगी वसूली! जानिए आपकी गाड़ी की कितनी कटेगी जेब

औरंगाबाद
सोशल मीडिया पर फर्जी रसीदों के वायरल होने और अवैध वसूली की खबरों ने आखिरकार नगर परिषद की नींद तोड़ दी। लगातार उठ रहे सवालों और शिकायतों के बाद अब औरंगाबाद नगर परिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चुंगी और पार्किंग शुल्क की नई, पारदर्शी व्यवस्था लागू कर दी है।


नगर परिषद द्वारा जारी आदेश (ज्ञापांक 731, दिनांक 01 अप्रैल 2026) के तहत अब व्यावसायिक वाहनों से चुंगी और सार्वजनिक स्थलों पर पार्किंग शुल्क विभागीय स्तर पर ही वसूला जाएगा। इससे पहले दो बार ठेका प्रक्रिया निकाली गई, लेकिन किसी ठेकेदार के सामने नहीं आने के कारण यह फैसला लिया गया।


फर्जी रसीदों से मचा था बवाल


पिछले दिनों सोशल मीडिया पर फर्जी रसीदों का मामला तेजी से उभरा था। कई लोग नकली रसीद काटते पकड़े गए, जिससे नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए थे। इसी के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पूरी वसूली प्रक्रिया को अपने नियंत्रण में लेने का निर्णय लिया।


अधिकृत टीम करेगी वसूली


अब कर संग्रहकर्ता कन्हैया भगत को अधिकृत किया गया है। उनके साथ योजना सहायक रंजीत कुमार, एमटीएस मुकेश कुमार गुप्ता और सुदामा कुमार सोनी तैनात रहेंगे। सभी कर्मियों को पहचान पत्र पहनना अनिवार्य किया गया है, ताकि फर्जी वसूली पर रोक लग सके।

नई दरें लागू


मालवाहक टेंपू: ₹20
ट्रैक्टर/चार चक्का टेंपू: ₹40
छोटी बस/हल्का ट्रक: ₹60
बड़ी बस: ₹80
दस चक्का ट्रक: ₹100
पार्किंग (चार पहिया): ₹20
पार्किंग (दो पहिया): ₹5


NH वाहनों को पूरी छूट


नगर परिषद ने साफ किया है कि NH-19 और NH-2 से गुजरने वाले, लेकिन शहर में प्रवेश नहीं करने वाले वाहनों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।


जनता से अपील
नगर परिषद ने वाहन चालकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे हर भुगतान के बाद वैध रसीद जरूर लें। अगर कोई व्यक्ति अधिक पैसे मांगे या बिना रसीद वसूली करे, तो उसकी शिकायत तुरंत नगर परिषद या थाना में करें।


उम्मीद क्या है?

नई व्यवस्था से जहां एक ओर राजस्व बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर फर्जी वसूली और अवैध पार्किंग पर भी लगाम लगने की उम्मीद है। नगर परिषद की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब गड़बड़ी करने वालों पर सख्ती तय है।