औरंगाबाद में घूसखोर दरोगा गिरफ्तार: रिश्वत की पहली किस्त लेते ही विजिलेंस के हत्थे चढ़ा SI


औरंगाबाद, 31 जुलाई। बिहार के औरंगाबाद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिसियप थाना में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर (SI) उमेश कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।


मामले की शिकायत तेंदुआ गणपत गांव निवासी डॉ. लक्ष्मण राम ने निगरानी विभाग से की थी। उनका आरोप था कि एक आपराधिक मामले में राहत देने के नाम पर जांच अधिकारी उनसे लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे।


जानकारी के अनुसार, 14 जुलाई को गांव में नाली-गली के पुराने विवाद को लेकर हुई मारपीट में डॉ. लक्ष्मण राम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें डायल-112 की टीम अस्पताल ले गई थी। इसी घटना को लेकर दूसरे पक्ष की ओर से रंजीत राम की पत्नी रेशमी देवी ने भी रिसियप थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी SI उमेश कुमार को सौंपी गई थी।


आरोप है कि जांच के दौरान SI उमेश कुमार ने केस में राहत देने के बदले पहले 1.50 लाख रुपये की मांग की। बाद में बातचीत के बाद 1 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। तय योजना के अनुसार 50 हजार रुपये पहले और शेष 50 हजार रुपये बाद में देने थे। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि आरोपी अधिकारी अक्सर मिलने बुलाकर नारियल पानी, पेड़ा और आम जैसी चीजें भी मंगवाते थे।


इस बीच डॉ. लक्ष्मण राम ने पूरे मामले की शिकायत निगरानी विभाग से कर दी। शिकायत का सत्यापन होने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और पहली किस्त के 50 हजार रुपये लेते ही SI उमेश कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।


गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को निगरानी विभाग अपने साथ लेकर गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।