औरंगाबाद जिले में लगातार बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार एवं डीपीएम मो. अनवर आलम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर हालात का जायजा लिया और जरूरी निर्देश जारी किए।
बैठक में सदर अस्पताल, औरंगाबाद, अनुमंडलीय अस्पताल दाउदनगर सहित सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए। सिविल सर्जन ने स्पष्ट कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सरकारी अस्पतालों में लू से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। एसी वार्ड की व्यवस्था, जरूरी दवाइयों की उपलब्धता और ठंडे पेयजल की सुविधा हर हाल में सुनिश्चित करने को कहा गया है।
डॉ. कृष्ण कुमार ने चेतावनी दी कि हीट स्ट्रोक के मामलों में थोड़ी सी भी देरी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए सभी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगातार बनी रहे। साथ ही एम्बुलेंस सेवाओं को 24 घंटे तैयार रखने का निर्देश दिया गया, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी अलर्ट जारी करते हुए आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य टीमों को लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। लोगों से अपील की गई है कि दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें।
सिविल सर्जन ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित मॉनिटरिंग करने और किसी भी स्थिति में लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मिथिलेश प्रसाद सिंह, डब्ल्यूएचओ के सर्वेलेंस मेडिकल ऑफिसर डॉ. नकीब, डीपीसी नागेंद्र कुमार केसरी, डेवलपमेंट पार्टनर राहुल राज व शशांक राज प्रधान तथा जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण अधिकारी अविनाश कुमार वर्मा भी मौजूद रहे।






