दहेज की मांग पड़ी भारी: पति, सास और ससुर को जेल, न्यायालय ने सुनाई सजा

औरंगाबाद। दहेज उत्पीड़न के एक चर्चित मामले में व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद ने पति, सास और ससुर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। एसडीजेएम अनीस कुमार की अदालत ने महिला थाना कांड संख्या-17/24, जीआर संख्या-667/24 एवं टीआर संख्या-1814/26 में सुनवाई पूरी करते हुए यह फैसला सुनाया।


अभियोजन पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि न्यायालय ने अभियुक्त पति अजीत कुमार, सास उर्मिला देवी एवं ससुर योगेन्द्र सिंह (निवासी जम्होर) को भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के तहत दो वर्ष के साधारण कारावास तथा पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत नौ माह के साधारण कारावास एवं एक हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।


मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह प्रस्तुत किए गए। शिकायतकर्ता सहित अन्य गवाहों की गवाही से यह साबित हुआ कि विवाह के लगभग दो माह बाद अभियुक्तों द्वारा क्रेटा कार की मांग की जाने लगी। मांग पूरी नहीं होने पर पीड़िता को शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।


न्यायालय में यह भी प्रमाणित हुआ कि 6 मार्च 2024 को आयोजित पंचायत में पति ने कथित रूप से कहा था कि फोर-व्हीलर मिलने पर ही वह पत्नी को अपने साथ रखेगा। वहीं, 7 नवंबर 2023 को पीड़िता के गहने छीनकर उसे घर से निकाल देने की घटना की भी पुष्टि हुई।


पीड़िता की ओर से दर्ज प्राथमिकी के अनुसार उसकी शादी 6 जून 2023 को एक नौकरीपेशा युवक से हिंदू रीति-रिवाज के साथ हुई थी। विवाह में लगभग 30 लाख रुपये मूल्य के उपहार दिए गए थे। इसके बावजूद अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया गया। इस संबंध में 13 मार्च 2024 को महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।


अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि मामले में 23 अक्टूबर 2024 को आरोप गठन हुआ था। साक्ष्यों एवं गवाहों की गवाही के आधार पर न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।