AURANGABAD : डॉक्टर व दरोगा के विरुद्ध वारंट निर्गत होने के बाद भी तीन साल से कोई अता पता नहीं
यह वाद जघन्य अपराध की धारा 302 और 307 से सम्बंधित है ।
यह वाद जघन्य अपराध की धारा 302 और 307 से सम्बंधित है ।
किसी भी अधिकारी के द्वारा आमजनों से किसी योजना का लाभ देने के लिए रिश्वत मांगने या भ्र्ष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के विरुद्ध औरंगाबाद जिला पदाधिकारी के तेवर काफी कड़े हैं।
जिला अन्तर्गत प्राप्त 0-6 वर्ष के देखरेख एवं संरक्षण के जरुरतमंद (अनाथ,निराश्रित एवं परित्यक्त) बच्चों को बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान में आवासन कराया जाता है
बारह वर्ष पुराने मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश न्यायालय के द्वारा दिया गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी और कोषागार पदाधिकारी औरंगाबाद को आदेश दिया गया है कि मध्य विद्यालय उरदाना नवीनगर के प्राध्यापक का वेतन रोका जाए।
बंदोबस्त कार्यालय में बंदोबस्त पदाधिकारी, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, अमीन, कानूनगो एवं अन्य कर्मियों का पदस्थापन प्रक्रिया विभाग के द्वारा की जा रही है।
AURANGABAD : जिलाधिकारी ने विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यालय का किया निरीक्षण Read More »
जिला जज के द्वारा पहली बार इस तरह की कमिटी बनाया गया है।
AURANGABAD : राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु जिला जज ने बनाया अधिवक्ताओं की कमिटी Read More »
इस योजना से आस-पास के गांव के सैंकड़ों किसानों के खेतों में सिंचाई का उपयोग होने के साथ-साथ इन गांवों में पेयजल का स्तर भी बरकार रखता है।
औरंगाबाद जिले में एक राजस्व कर्मचारी द्वारा जमीन दखल-खारिज करने के लिए उस वक्त महंगा पड़ गया जब अवैध रिश्वत की मांग किए जाने से संबंधित एक रिकार्डिंग जिला गोपनीय शाखा को प्राप्त हुई ।
शनिवार को सदर अस्पताल में पदस्थापित एक डॉक्टर के विरुद्ध वारंट जारी किया है।