औरंगाबाद के अंतिम छोर तक पहुँचा लोकतंत्र का उजाला — झारखंड सीमा के गाँव में गूँजा मतदान का संकल्प!
रंगोली, चौपाल और ग्रामीण उत्साह की झलक ने आज कर्मा लहंग को लोकतंत्र के रंगों में रंग दिया।
रंगोली, चौपाल और ग्रामीण उत्साह की झलक ने आज कर्मा लहंग को लोकतंत्र के रंगों में रंग दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि त्रिविक्रम सिंह जैसे युवा और ऊर्जावान नेता से क्षेत्र को नई दिशा और नई सोच मिलने की उम्मीद है।
चुनावी चर्चा के केंद्र बने त्रिविक्रम कुमार सिंह, सात नवम्बर की सभा पर फोकस Read More »
स्थानीय मतदाता भी इस बार विकास और नए नेतृत्व की संभावना पर ध्यान दे रहे हैं।
“बिहार के लोगों का यह स्नेह मेरे लिए आशीर्वाद है। हम सबका संकल्प है — विकसित भारत और मॉडर्न बिहार।”
पटना में मोदी का मेगा रोड शो : जनसैलाब ने कहा — “मॉडर्न बिहार, मोदी के साथ Read More »
कुटुंबा सीट पर ‘राम बनाम राम’ की टक्कर इस चुनाव की सबसे शांत लेकिन रोचक प्रतिस्पर्धाओं में गिनी जा रही है। जनता अब दोनों उम्मीदवारों की कार्यशैली और मुद्दों के आधार पर फैसला करेगी।
स्थानीय नागरिकों में यह विश्वास बढ़ रहा है कि रफीगंज अब विकास, पारदर्शिता और जनसहभागिता के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
रफीगंज में विकास और जनसेवा पर जनचर्चा तेज़ — गुलाम शाहिद की कार्यशैली ने जगाई नई उम्मीद Read More »
“रेडियो दोस्ती की परिकल्पना बहुआयामी है — यह न केवल मनोरंजन का साधन बनेगा, बल्कि बंदियों में सामाजिक व कानूनी जागरूकता बढ़ाने में भी मदद करेगा।”
“चुनाव के दौरान किसी भी स्तर पर पुलिस की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन के दौरान निष्पक्षता और शांति बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस खुलासे के बाद सवाल उठने लगे हैं कि — “क्या दुलारचंद की हत्या सुनियोजित थी, या झड़प में हुई दुर्घटना?”