औरंगाबाद/पटना/जहानाबाद
रविवार की सुबह बिहार की Special Vigilance Unit (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए औरंगाबाद के उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद के घर, कार्यालय और अन्य ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। सुबह-सुबह अचानक पहुँची टीम को देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। एसवीयू के दस्ते ने पूरे परिसर को घेर कर कई घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया।
क्या मिला छापेमारी में?
सूत्रों और मिले आधिकारिक इनपुट के मुताबिक, तलाशी के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं जिनमें—
अवैध रूप से कमाई गई संपत्ति से जुड़े प्रमाण
बैंक खातों की संदिग्ध एंट्रियां
भूमि खरीद-बिक्री से जुड़े कागज
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और पेन ड्राइव्स
कैश ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेज
इन सभी की जांच SVU की डिजिटल व फॉरेंसिक टीम कर रही है।
कितनी अवैध संपत्ति का आरोप?
Special Vigilance Unit के अनुसार, गहन जांच में यह सामने आया है कि उत्पाद अधीक्षक ने अपने ज्ञात स्रोतों की आमदनी से ₹1,58,45,888 (लगभग 1.58 करोड़ रुपये) ज्यादा की संपत्ति इकट्ठा की है।
यानी उनकी कमाई और संपत्ति में भारी विसंगति मिली है।
कहाँ-कहाँ चली रेड?
SVU ने छापेमारी एक दिन नहीं, बल्कि कई स्थानों पर समानांतर रूप से की—
1. औरंगाबाद — आधिकारिक आवास और निजी घर
2. पटना — फ्लैट/आवासीय ठिकाना
3. जहानाबाद — पैतृक घर और अन्य जगहें
तीनों जिलों में एक साथ टीमों ने दस्तावेज कब्जे में लिए और तलाशी जारी है।
रेड क्यों?
शिकायतें मिली थीं कि अधिकारी ने पद का दुरुपयोग कर अवैध कमाई की है।
इसके बाद SVU ने आय से अधिक संपत्ति (DA case) में कोर्ट से तलाशी वारंट जारी कराकर छापा मारा। सुबह से शुरू हुई कार्रवाई शाम तक चली। अभी बरामद दस्तावेजों की स्क्रूटनी जारी है और आगे पूछताछ की पूरी संभावना है।
प्रशासनिक गलियारों में हलचल
इस कार्रवाई के बाद औरंगाबाद से पटना तक प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है।
विभाग के कई अन्य अफसरों में भी चिंता फैल गई है कि आने वाले दिनों में और भी नाम जांच के घेरे में आ सकते हैं।
आगे क्या?
SVU रिपोर्ट तैयार करेगी
आय से अधिक संपत्ति का पूरा हिसाब खंगाला जाएगा
जरूरत पड़ी तो FIR, गिरफ्तारी और निलंबन तक की कार्रवाई भी संभव।






