औरंगाबाद: मातृ दिवस के पावन अवसर पर रविवार को औरंगाबाद शहर का अशोक भवन मातृशक्ति के सम्मान से भावुक और गौरवपूर्ण माहौल में सराबोर हो उठा। संस्कृति दर्पण संघ, औरंगाबाद के तत्वावधान में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में शहर की सैकड़ों माताओं को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए संघ के सचिव विश्वनाथ कुमार ने कहा कि माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि सम्पूर्ण सृष्टि का आधार है। उन्होंने कहा कि माँ के बिना जीवन की कल्पना अधूरी है और समाज को मातृशक्ति के सम्मान को अपनी संस्कृति का हिस्सा बनाना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित उदय कुमार गुप्ता ने माताओं के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि माताएँ ममता, दया और करुणा की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सदियों से मातृशक्ति की पूजा होती आई है और पूरी दुनिया आज भारत से प्रेरणा लेकर मदर्स डे मना रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल एक दिन नहीं, बल्कि प्रतिदिन अपने घर की बुजुर्ग महिलाओं और माताओं का सम्मान करें।

वहीं बीजेपी जिला उपाध्यक्ष अनीता सिंह ने कहा कि माँ के बारे में कुछ भी कहना सूरज को दीपक दिखाने जैसा है। उन्होंने इस आयोजन को औरंगाबाद जैसे शहर में एक प्रेरणादायी पहल बताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और नई पीढ़ी को बुजुर्गों एवं माताओं के सम्मान की सीख मिलेगी।

समारोह के दौरान शारदा देवी, ममता कुमारी, रानी देवी सहित सैकड़ों माताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी माताओं को जलपान कराया गया। मंच संचालन प्रकाश चौहान ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन संघ के कोषाध्यक्ष पंकज सोनी ने किया।
इस अवसर पर संघ के सदस्य चंदन कुमार, तेजस्वी कुमार, सुनील कुमार सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।







