“रामनवमी को लेकर प्रशासन अलर्ट: डीएम अभिलाषा शर्मा की सख्ती—बिना लाइसेंस जुलूस नहीं, डीजे व हथियारों पर पूर्ण प्रतिबंध”

औरंगाबाद— रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में विधि-व्यवस्था समीक्षा बैठक आयोजित की गई।


बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, जुलूसों के संचालन और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि रामनवमी के अवसर पर निकलने वाले सभी जुलूसों के लिए लाइसेंस अनिवार्य होगा। बिना अनुज्ञप्ति किसी भी प्रकार का जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जुलूसों में डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही किसी भी प्रकार का हथियार प्रदर्शन, तलवारबाजी या शक्ति प्रदर्शन पूरी तरह वर्जित रहेगा। बिना प्रशासनिक अनुमति कोई भी सांस्कृतिक या धार्मिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकेगा।


सुरक्षा के मद्देनजर सभी जुलूसों के साथ दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की तैनाती की जाएगी। ड्रोन कैमरे से निगरानी और सभी जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। संभावित अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा डीजे एवं हथियारों की जब्ती की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।


डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जुलूस मार्ग का भौतिक सत्यापन कर संवेदनशील स्थलों की पहचान की जाए और पिछले वर्षों के विवादों को ध्यान में रखते हुए ही अनुज्ञप्ति जारी की जाए। जुलूस मार्ग को पूरी तरह अवरोधमुक्त रखने तथा मंदिर, मस्जिद और अन्य संवेदनशील स्थानों के पास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग भी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जयप्रकाश नारायण, मोहम्मद सादुल हसन खां, उमेश पंडित सहित कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी प्रखंड एवं थाना स्तर के अधिकारी भी जुड़े।


प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि रामनवमी पर्व को शांति, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ मनाने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।