कोर्ट से लौट रही महिला दरोगा की मौत: जीटी रोड पर रफ्तार का कहर, कब जागेगा प्रशासन? कांस्टेबल घायल

औरंगाबाद जिले में जीटी रोड पर बुधवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट में केस डायरी जमा कर लौट रही महिला दरोगा की तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद एक कांस्टेबल घायल हो गया।


जानकारी के अनुसार, महिला दरोगा न्यायालय में सरकारी कार्य पूरा कर लौट रही थीं। इसी दौरान नगर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर पिपरडीह मोड़ के समीप एक तेज रफ्तार गाड़ी ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान महिला दरोगा ने दम तोड़ दिया। घायल कांस्टेबल का इलाज जारी है।


उठते सवाल
जीटी रोड जैसे व्यस्त राष्ट्रीय मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण क्यों नहीं?
क्या उस इलाके में स्पीड मॉनिटरिंग या ट्रैफिक पेट्रोलिंग की व्यवस्था थी?
बार-बार हो रहे हादसों के बावजूद प्रशासन ठोस कदम कब उठाएगा?
क्या सड़क पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी खुद सुरक्षित हैं?


पुलिस ने टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान और चालक की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।


इस घटना ने न केवल एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की जान ली, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। अब देखना यह है कि प्रशासन महज जांच तक सीमित रहता है या जीटी रोड पर रफ्तार के खिलाफ सख्त अभियान चलाता है।