पुलिस–प्रशासन की ढिलाई पर फिर उठा सवाल
औरंगाबाद।
जिले की सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे ओवरलोड ट्रैक्टर अब सीधे लोगों की जान लेने लगे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि न तो प्रशासन जाग रहा है और न ही जिम्मेदार विभाग। ताजा मामला खुदवा थाना क्षेत्र के लहसा मोड़ का है, जहां एक ओवरलोड ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवक को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया।
मृतक की पहचान मो. जुनैब, निवासी ग्राम फेसरा, पौथू थाना क्षेत्र के रूप में हुई है। मो. जुनैब अपने भतीजे मो. आदिल के साथ बाइक से फेसरा से रफीगंज जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही उनकी बाइक लसरा मोड़ के पास पहुंची, सामने से आ रहे अत्यधिक लदे ट्रैक्टर ने उन्हें रौंद दिया। मौके पर ही मो. जुनैब की दर्दनाक मौत हो गई। इधर शव को पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंप दिया गया है।

हादसा नहीं, सिस्टम की हत्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई “दुर्घटना” नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही से की गई हत्या है। इलाके में रोजाना ओवरलोड ट्रैक्टर और भारी वाहन बिना नंबर, बिना कागजात और बिना डर के दौड़ते हैं। कई बार शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रही।
इंजन लेकर फरार, कानून का मज़ाक
घटना के बाद ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर का डाला सड़क पर छोड़कर इंजन लेकर फरार हो गया। सवाल यह है कि कोई चालक इतनी आसानी से इंजन निकालकर कैसे भाग सकता है? क्या उसे कानून का कोई डर नहीं था? या फिर उसे भरोसा था कि जांच ठंडे बस्ते में चली जाएगी?
पुलिस ने डाला जब्त कर निभाई औपचारिकता
सूचना मिलने पर खुदवा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और सिर्फ डाला जब्त कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली। अब पुलिस ट्रैक्टर मालिक की तलाश की बात कह रही है, लेकिन स्थानीय लोग पूछ रहे हैं—
जब महीनों से यही ट्रैक्टर सड़क पर मौत बांट रहा था, तब पुलिस और परिवहन विभाग कहां थे?
उजड़ा घर, टूटा परिवार
मो. जुनैब की मौत से उनके घर में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा दिया जाए और दोषियों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हो।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जिले में ओवरलोडिंग पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है। जब तक कोई जान नहीं जाती, तब तक प्रशासन चुप रहता है, और जान जाने के बाद सिर्फ बयानबाजी होती है।
अब सवाल साफ है—
क्या मो. जुनैब की मौत के बाद ही प्रशासन जागेगा?
या अगली खबर किसी और की लाश पर लिखी जाएगी?
रिपोर्टर – नेयाज अली






