औरंगाबाद
सदर अस्पताल औरंगाबाद में सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए “पर्सनल ट्रांसफॉर्मेशन एवं टीम बिल्डिंग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के नेतृत्व कौशल का विकास करना था।
पिरामल स्वास्थ्य के सहयोग से जिला स्वास्थ्य समिति, औरंगाबाद द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का संचालन डिस्ट्रिक्ट मैनेजर शशांक राज प्रधान तथा दीपिका राणा (डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, पिरामल स्वास्थ्य, वैशाली) और प्रोग्राम लीडर ऋतिका द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यशाला में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रभावी नेतृत्व, टीम प्रबंधन, संचार कौशल और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। प्रतिभागियों को समूह गतिविधियों, रोल-प्ले और चर्चा के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि वे अपने कार्यस्थल पर सीखी गई बातों को बेहतर तरीके से लागू कर सकें।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए जिला कार्यक्रम प्रबंधक मो. अनवर आलम ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहली कड़ी होते हैं, इसलिए उनका प्रशिक्षित और सक्षम होना बेहद आवश्यक है। मजबूत नेतृत्व और बेहतर टीम वर्क से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार संभव है, बल्कि मरीजों को समय पर और प्रभावी उपचार भी सुनिश्चित किया जा सकता है।
वहीं जिला योजना समन्वयक नागेंद्र कुमार केसरी ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने कार्य के प्रति नई ऊर्जा और दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।
कार्यशाला में जिले के चिन्हित स्वास्थ्य संस्थानों से आए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।






