विश्व हृदय दिवस पर डाक्टर को किया गया सम्मानित


आज़ 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस पर जिला विधिज्ञ संघ औरंगाबाद के सहायक सचिव सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार औरंगाबाद के रिटेनर अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने डॉ देवा श्री और विकास कुमार को सम्मानित किया गया ।

अधिवक्ता स्नेही ने बताया कि विश्व हृदय दिवस पर जागरूकता फैलाना हम सभी का कर्तव्य है। करोना काल के बाद भारत में प्रति वर्ष 30 लाख से अधिक लोग हृदय रोग से अपनी ज़िंदगी खो रहे हैं युवाओं में तेजी से हृदय रोग फैल रही है पहले हदय रोग बुढ़ापे में होती थी इस लिए आधुनिक परिवेश में यह चिंता का विषय है,हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ देवा श्री ने बताया कि आधुनिक जीवन शैली में आधुनिक खान-पान से जीवन प्रभावित हो रही है,लोग फास्ट फूड, पावमवाइल से बने समान अधिक सेवन कर रहे हैं जो खतरनाक हो सकता है।
हमें नमक और चीनी का उपभोग एक सिमित मात्रा में करना चाहिए,सुबह शाम टहलना चाहिए, तम्बाकू और शराब के सेवन से बचना चाहिए, शारिरिक वजन सिमित रखना चाहिए, हदय स्वास्थ्य जीवनशैली को युवाओं में प्रोत्साहित करना चाहिए डॉ विकास कुमार ने बताया कि दिल का दौरा , उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक पहले आपको शारिरिक चेतावनी देता है इसे अनदेखा न करें अन्यथा हृदय आपरेशन का जोखिम उठाना पड़ सकता है।


29 सितंबर 2000 से विश्व हृदय दिवस मनाया जा रहा है। हृदय रोग में परहेज और व्यायाम सबसे बड़ी दवा है।