15 दिनों में शत-प्रतिशत सेकेंड डोज देने का लक्ष्य, तीन प्रखंडों में एक भी टीकाकरण नहीं होने पर वेतन स्थगित
औरंगाबाद, 10 अप्रैल 2026।
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा शुक्रवार को जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने की।
समीक्षा के दौरान टीकाकरण की रफ्तार संतोषजनक नहीं मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक करीब 16 हजार बच्चियों को सर्वाभैक वैक्सीन का पहला डोज दिया जा चुका है। हालांकि छह महीने बाद दिए जाने वाले दूसरे डोज की स्थिति बेहद कमजोर पाई गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 13,218 पात्र बच्चियों में से मात्र 1,574 को ही दूसरा डोज दिया गया है। इस पर डीएम ने चिंता जताते हुए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ 15 दिनों के भीतर सेकेंड डोज की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं के लिए अनुशंसित गार्डासिल वैक्सीन की स्थिति भी जांची गई। इसमें पाया गया कि दाउदनगर, कुटुम्बा और मदनपुर प्रखंडों में 28 फरवरी से अब तक एक भी वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। इस पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के वेतन को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया।
वहीं गोह और हसपुरा प्रखंडों में केवल तीन-तीन तथा बारुण, देव और नबीनगर प्रखंडों में मात्र दो-दो टीकाकरण होने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
बैठक में उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मो. इफ्तेकार अहमद, डीआईओ डॉ. मिथिलेश प्रसाद सिंह, डीपीएम मो. अनवर आलम, जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेन्द्र प्रसाद, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) विनीता कुमारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्विलेंस मेडिकल ऑफिसर मो. नकीब तथा जीविका के डीपीएम पवन कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रखंड स्तर के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






