“नारी शक्ति का उत्सव: अधिकार, सम्मान और समानता के संदेश के साथ जिले में मना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, जानिए कैसे हुई इस दिवस की शुरुआत?


हर वर्ष 8 मार्च को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समानता के लिए उनके संघर्ष और उपलब्धियों को याद करने के लिए समर्पित है। इस अवसर पर विभिन्न देशों में महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक अधिकारों को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 20वीं सदी के शुरुआती दौर में महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई से जुड़ी हुई है। वर्ष 1908 में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हजारों महिला मजदूरों ने बेहतर वेतन, कम कार्य घंटे और मतदान के अधिकार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन ने महिलाओं के अधिकारों को लेकर दुनिया भर में नई चेतना पैदा की।


इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शनिवार को औरंगाबाद समाहरणालय स्थित अनुग्रह नारायण नगर भवन में कला संस्कृति विभाग, बिहार सरकार एवं महिला एवं बाल विकास निगम के सहयोग से जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी Abhilasha Sharma द्वारा बैलून को आकाश में उड़ाकर महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के साथ हुई। इसके बाद बिहार गीत के गायन तथा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया।


इस अवसर पर उप विकास आयुक्त Ananya Singh सहित अन्य अधिकारियों ने महिलाओं की उपलब्धियों और उनके बढ़ते योगदान की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, खेल और राजनीति सहित हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं एवं महिला कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाली शिक्षिकाओं, जीविका दीदियों तथा खेल एवं अन्य प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।


समारोह में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों, छात्राओं और महिलाओं की सहभागिता रही। जिला प्रशासन ने इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने और समाज में समान अवसर सुनिश्चित करने का संदेश दिया।