13 साल बाद काराकाट सांसद राजाराम सिंह सहित 23 अभियुक्त दोषमुक्त, स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट का बड़ा फैसला


औरंगाबाद से बड़ी खबर:
व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने बहुचर्चित नगर थाना कांड संख्या-155/12 (जीआर-869/12, एसटीआर-366/12, 264/22) में सुनवाई करते हुए काराकाट सांसद राजाराम सिंह, पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह, भगवान सिंह समेत कुल 23 अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। करीब 13 वर्षों से लंबित इस मामले में आज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।


इस संबंध में अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी कामता प्रसाद सिंह ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अकमल हसन, क्षीतिज रंजन, मुकेश कुमार सिंह, कुणाल सहित अन्य ने बहस की। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाहों तथा बचाव पक्ष की ओर से 6 से अधिक गवाहों की गवाही हुई थी। आरोप गठन 25 अप्रैल 2024 को किया गया था।


क्या था मामला?


वाद के सूचक तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी उदय प्रताप सिंह ने 2 मई 2012 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार, सोनहथु पंचायत के पूर्व मुखिया छोटू कुशवाहा की हत्या के विरोध में गांधी मैदान से पूर्व विधायक के नेतृत्व में प्रदर्शन निकाला गया था। यह जुलूस बद्रीनारायण मार्केट में सभा में तब्दील हुआ और फिर नारेबाजी करते हुए समाहरणालय गेट तक पहुंचा, जहां प्रदर्शन उग्र हो गया।


प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व शामिल हो गए हैं, जो रोड़ेबाजी कर रहे थे। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया। इस दौरान पूर्व विधायक समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी घायल हुए। साथ ही दंगा-रोधी वाहन और एक सरकारी सूमो में आगजनी की घटना भी हुई थी।


मामले में भादंवि की विभिन्न धाराओं, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा डेमेज ऑफ पब्लिक प्रोपर्टी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। उस समय एसडीपीओ संजय कुमार और एसडीओ के. डी. प्रज्ज्वल थे तथा नगर, मुफ्फसिल, जम्होर, सिमरा और रिसियप थानों की पुलिस बल तैनात की गई थी।


फैसले पर प्रतिक्रियाएं


अपर लोक अभियोजक कामता प्रसाद सिंह ने कहा कि वे इस निर्णय से असंतुष्ट हैं और पटना हाईकोर्ट में रिवीजन दायर करेंगे।


वहीं काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने फैसले को “न्याय की जीत” बताते हुए कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा, “हमने 13 वर्षों तक इस कोर्ट ट्रायल को झेला। आज न्याय मिला है। सभी अधिवक्ताओं, पत्रकारों और समर्थकों को बधाई।”