बिहार कैबिनेट की बड़ी बैठक: 1 करोड़ रोजगार से लेकर नई टेक सिटी तक — सभी एजेंडों पर लगी मुहर

बिहार की नवगठित सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में मंगलवार को कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगा दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की, जिसमें राज्य के आर्थिक, तकनीकी और औद्योगिक भविष्य को बदलने वाली कुल सभी प्रमुख योजनाओं को स्वीकृति मिली।

बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय इस प्रकार हैं—

          1 करोड़ रोजगार का लक्ष्य

कैबिनेट ने अगले पाँच वर्षों में राज्य के 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की रणनीति को मंजूरी दी। इसके तहत सरकारी नौकरियों के साथ निजी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवसर सृजित किए जाएंगे।

    बिहार को टेक हब बनाने की शुरुआत

राज्य में नई-उम्र (New-Age) अर्थव्यवस्था खड़ी करने के लिए कई बड़े फैसले हुए—

डिफेंस कॉरिडोर

सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC)

मेगा टेक सिटी

फिटनेस सिटी

ये सभी प्रोजेक्ट बिहार को पूर्वी भारत का प्रमुख टेक और इंडस्ट्रियल हब बनाने की दिशा में कदम हैं।

           AI मिशन को हरी झंडी

बैठक में Bihar State Artificial Intelligence Mission को स्वीकृति दी गई। इसके जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और प्रशासनिक सेवाओं में AI आधारित तकनीक लागू की जाएगी।

         चीनी उद्योग को नई जिंदगी

कैबिनेट ने बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का निर्णय लिया। यह कदम किसानों, खासतौर पर गन्ना उत्पादकों की आमदनी बढ़ाने में सहायक होगा।

    11 नई ग्रीनफील्ड टाउनशिप का विकास

राज्य के 11 प्रमुख शहरों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इनमें 9 प्रमंडल मुख्यालयों के अलावा सीतामढ़ी और सोनपुर भी शामिल हैं।

कैबिनेट के फैसलों से बड़े परिवर्तन की उम्मीद

बैठक में लिए गए निर्णयों को बिहार के आर्थिक ढांचे में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। रोजगार, तकनीक, उद्योग और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर देते हुए सरकार ने यह संकेत दिया है कि आने वाले पाँच सालों में बिहार नए औद्योगिक युग में प्रवेश करने वाला है।