औरंगाबाद में विकास योजनाओं की सख्त समीक्षा:  दिशा बैठक में अधूरी सड़कों से लेकर नल-जल व शिक्षा तक पर गरमाया मुद्दा



औरंगाबाद समाहरणालय स्थित योजना भवन के सभागार में सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता औरंगाबाद सांसद अभय कुमार सिन्हा (सह-अध्यक्ष, दिशा) ने की। बैठक में जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कृषि, राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, पथ निर्माण, मनरेगा, आवास, पेंशन, खाद्य आपूर्ति सहित कई अहम विभागों के कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभागवार एजेंडा और प्रगति रिपोर्ट अध्यक्ष एवं सदस्यों के समक्ष रखी।


शिक्षा विभाग पर सवाल, मर्जर की सूची मांगी
शिक्षा विभाग की समीक्षा में मध्यान्ह भोजन, रसोइयों के मानदेय भुगतान, पीएम पोषण योजना और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की स्थिति पर चर्चा हुई। सांसद अभय कुमार सिन्हा ने विद्यालयों के मर्जर को लेकर सवाल उठाते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को मर्ज किए गए विद्यालयों की पूरी सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।


काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों का मर्जर स्थायी समाधान नहीं, बल्कि अंतिम विकल्प होना चाहिए। उन्होंने सिंहपुर गांव (गैनी प्रखंड) में भूमि उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए वहां विद्यालय निर्माण का आग्रह किया। वहीं गोह विधायक अमरेंद्र कुशवाहा ने अमारी में उच्च विद्यालय निर्माण की मांग रखी।


अधूरी सड़कें बनीं मुद्दा, जांच के आदेश
पथ निर्माण विभाग की समीक्षा में माली से कुटुंबा पथ को अधूरा छोड़ने का मामला उठाया गया। जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को तत्काल टीम भेजकर जांच व प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया। इसके अलावा गजना धाम सड़क, रिसियप के अमर बीघा, परसिया से तेलडीहा पथ समेत कई सड़कों के निर्माण और मरम्मत की मांग रखी गई।


पुल-पुलियों की स्थिति पर मांगी गई रिपोर्ट
नबीनगर विधायक चेतन आनंद ने जर्जर पुल-पुलियों की संख्या, निर्माणाधीन और प्रस्तावित पुलों की जानकारी मांगी। अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि जिले के सभी पुल-पुलियों की प्रखंडवार सूची सभी विधायकों को उपलब्ध कराई जाए।


जलजमाव, बाइपास और फोरलेन पर चर्चा
ओबरा विधायक प्रकाश चंद्र ने भखरुआ मोड़ पर जलजमाव की समस्या और कोराईपुर में पुनपुन नदी पर पुल निर्माण का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने जांच टीम गठित करने का आदेश दिया। एनएच-139 के फोरलेन निर्माण के लिए राज्य सरकार को पत्र भेजने तथा अस्थायी चौड़ीकरण के निर्देश भी दिए गए।
नल-जल योजना: 1163 टोले अब भी वंचित
पीएचईडी की समीक्षा में खुलासा हुआ कि जिले के 1163 टोले अभी नल-जल योजना से वंचित हैं। अध्यक्ष ने जल संकट वाले टोलों को प्राथमिकता देने और खराबी की स्थिति में 48 घंटे के भीतर मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


रोजगार, जीविका और स्वास्थ्य पर फोकस
एनटीपीसी व सीमेंट उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने, जीविका समूहों को ₹2 लाख की अतिरिक्त राशि, धान अधिप्राप्ति सीमा बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने जैसे मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। दाउदनगर में पोस्टमार्टम सुविधा, रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति और आधुनिक जांच सुविधाओं की मांग प्रमुख रही।


बैठक के अंत में अध्यक्ष ने कहा कि विकास योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनहित से जुड़े सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन, विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं दिशा समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।