पटना। बिहार में शराबबंदी खत्म होने और फिर से लाइसेंस के आधार पर शराब बिक्री शुरू होने की चर्चाएं सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कई वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि सरकार शराबबंदी को लेकर बड़ा फैसला लेने जा रही है। हालांकि, इन दावों के बीच अब तक शराबबंदी खत्म करने का कोई आधिकारिक सरकारी आदेश सामने नहीं आया है।
कहां से शुरू हुई शराबबंदी हटाने की चर्चा?
दरअसल, अगस्त 2026 में नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) की एक शोध रिपोर्ट में बिहार की शराबबंदी नीति समाप्त कर नियंत्रित तरीके से शराब बिक्री शुरू करने की सिफारिश की गई थी। रिपोर्ट में राज्य के राजस्व नुकसान और अवैध शराब कारोबार जैसे मुद्दे उठाए गए थे। इसके बाद बिहार की राजनीति में शराबबंदी को लेकर बहस तेज हो गई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सितंबर में शराबबंदी हटाने की अटकलों पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा था कि बिहार में शराबबंदी समाप्त नहीं की जाएगी। वहीं, सत्तारूढ़ जेडीयू ने भी शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग को खारिज किया था।
क्या लाइसेंस पर फिर मिलेगी शराब?
फिलहाल बिहार में लाइसेंस लेकर आम लोगों को शराब बेचने की अनुमति देने का कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट को सरकारी घोषणा मानना सही नहीं होगा।
बिहार सरकार के उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होने की जानकारी दी गई है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
बिहार में शराबबंदी हटाने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस जरूर चल रही है, लेकिन कानून में बदलाव या शराब बिक्री दोबारा शुरू करने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को फिलहाल अपुष्ट समझना चाहिए।
Friends Media की अपील: किसी भी वायरल वीडियो या पोस्ट पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई जांचें। भ्रामक खबरें साझा करने से बचें।
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