औरंगाबाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार, 305 तक पहुँचे ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थान


समाहरणालय में सिविल सर्जन की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक


औरंगाबाद।
समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में आज स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई और अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।


बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक मो. अनवर आलम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या बढ़कर 305 हो गई है। शेष स्वीकृत संस्थानों को पंचायत सरकार भवन, सामुदायिक भवन या अन्य सरकारी भवनों में प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाएगा। जहां भवन उपलब्ध नहीं होंगे, वहां किराये के भवन में भी स्वास्थ्य संस्थान शुरू किए जाएंगे, ताकि किसी भी इलाके के लोगों को इलाज से वंचित न रहना पड़े।


सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार ने सदर अस्पताल में सिजेरियन (सी-सेक्शन) ऑपरेशन की संख्या बढ़ाने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव सेवाओं को सशक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए संस्थागत प्रसव और आपातकालीन सेवाओं को हर स्तर पर मजबूत किया जाना जरूरी है।


बैठक में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, नियमित टीकाकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, दवा व जांच सेवाओं की उपलब्धता तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के संचालन की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सभी अधिकारियों को समयबद्ध लक्ष्य प्राप्त करने, सेवा की गुणवत्ता सुधारने और आम लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर विशेष जोर देने का निर्देश दिया गया।


इस मौके पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मिथिलेश प्रसाद सिंह, जिला संचारी एवं गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. रवि रंजन, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ मो. नकीब, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह, दाउदनगर के उपाधीक्षक, जिला लेखा प्रबंधक मो. अफरोज हैदर, जिला योजना समन्वयक नागेंद्र कुमार केसरी, डीसीएम आनंद प्रकाश, यूनिसेफ के एसएमसी मो. नैयर सहित जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक और प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।


बैठक के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आने वाले दिनों में जिले के ग्रामीण व शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और मजबूती दोनों बढ़ने जा रहे हैं।