AURANGABAD: नक्सल क्षेत्र की बहू सुनीता पहले बनी जेल पुलिस, ड्यूटी के दौरान सेल्फ स्टडी कर फिर बनी दरोगा,पति फौजी बन कर रहा है देश की सेवा
शादी के बाद भी मैं और मेरे पति अपनी पढ़ाई जारी रखी । उसने आज के दौर के लड़को-लड़कियों से अपील करते हुए कही की पैसा सबकुछ नही है। शिक्षा के आगे पैसों का कोई महत्व नही । मन लगाकर की गयी पढ़ाई एक दिन जरूर सफल बनाती है









