औरंगाबाद/बिहार:- जिले एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी की मौत के बाद भी पुलिस ने उसके हाथ से हथकड़ी नहीं खोली।
मिली जानकारी के अनुसार, बारुण थाना क्षेत्र के उरदीना गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार राम को उत्पाद विभाग ने बुधवार को छह लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया था। गुरुवार को उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने उसे सदर अस्पताल औरंगाबाद भेजा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को मुलाकात करने पर जेल प्रशासन ने उन्हें रोक दिया, और शनिवार सुबह अचानक सूचना दी गई कि पति बीमार हैं। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि पति की मौत हो चुकी है। उनका कहना है कि धर्मेंद्र को पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।
जेल अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि कैदी की तबीयत बिगड़ते ही उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। उधर, नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सबसे शर्मनाक दृश्य तब सामने आया, जब मौत की पुष्टि के बाद भी कैदी के हाथ से हथकड़ी नहीं खोली गई। मीडिया कर्मियों के हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस ने हथकड़ी खोली।







